बालीपुर धाम के श्री श्री 1008 श्री गजाननजी महाराज को  “बालीपुर वाले बाबा” के नाम से भी जाना जाता है। 

बाबाजी ने हमेशा भजन और साधना का महत्व बताया और कहा, “भजन के बिना शांति नहीं मिलती।”  

बाबाजी ने बालीपुर धाम  आश्रम  में  माँ अंबिका की कठोर तप व साधना कर कई दुर्लभ सिद्धियाँ प्राप्त की |

बाबाजी हवन को देव उपासना का सर्वश्रेष्ट साधन मानते थे | बाबाजी  ने आश्रम  में हवन कुंड की स्थापना कर दैनिक हवन प्रारम्भ किया । 

आश्रम में हवन कुंड की अनवरत प्रज्वलित है|  अग्नि कई वर्षो से अनवरत प्रज्वलित है है |  

बाबाजी  ने ब्रह्मचर्य का संकल्प लेकर  जीवनभर प्राणी मात्र की सेवा की |  

बाबाजी  ने समाज सेवा को सर्वोपरि रखते हुए, बाबाजी  ने अपने भक्तों का आध्यात्मिक मार्गदर्शन किया |